अनंत चतुर्दशी गणेश चतुर्थी के 10 दिवसीय उत्सव के समापन का दिन है जिसे गणपति विसर्जन के नाम से जाना जाता है।
इस दिन भगवान विष्णु और गणेश जी की कृपा पाने के लिए साधक विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान करते हैं तो आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।
अनंत चतुर्दशी तिथि की शुरुआत आज सुबह 3:12 बजे से हुई और यह तिथि 7 सितंबर की रात 1:41 बजे तक रहेगी।
पूजन का शुभ समय सुबह 6:02 बजे से रात 1:41 बजे तक है।
अनंत चतुर्दशी के समय ॐ अनंताय नमः वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा। मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए।
व्रत के दौरान नमक का त्याग किया जाता है। खीर, सेवई जैसे मीठे व्यंजन परोसे जाते हैं। अनंत सूत्र को पुरुष दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में बांधती हैं।
इस दिन भगवान विष्णु की अनंत स्वरूप पूजा से जीवन की सभी बाधाएं भी दूर होती हैं, सुख-समृद्धि आती है। अनंत सूत्र बंधने से परिवार की रक्षा और आर्थिक उन्नति होती है।